मप्र पॉलिटिकल ड्रामा: कमलनाथ सरकार पर छाए संकट के बादल, संकटमोचन बने यह मंत्री

मध्यप्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से सियासी दावपेंच चल रहे हैं. और अब मध्यप्रदेश में भी कर्नाटक जैसे हालात पैदा होते जा रहे हैं। और यह कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल की तरह छा गए हैं। वहीं इस मुश्किल की घड़ी में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह संकटमोचक की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वे शुक्रवार को दिल्ली से भोपाल पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि सरकार सुरक्षित है और डंग का इस्तीफा नहीं हुआ है, ये सिर्फ उनका एक स्टेटमेंट है।

मैंने किसी को नहीं बचाया, सब विधायक अपने विवेक से काम करते हैं, सब समझदार है, सब अपनी मर्जी से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की होटल में विधायक संजीव कुशवाह और राजेश शुक्ला नहीं थे। कैबिनेट एक्सपेंशन पर दिग्विजय ने कहा कि कैबिनेट एक्सपेंशन बिलकुल होना चाहिए। विधानसभा सत्र के बाद सिंधिया की उपेक्षा के सवाल पर कहा कि किसी की उपेक्षा नहीं हो रही है। अजीत जोगी और उमंग सिंगार और अन्य लोग जो लोग भाजपा के बयान का समर्थन करते हैं, आप उनकी मंशा समझ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लार्ज स्केल पर भाजपा के लोग अन सेटिस्फाई हैं। ई-टेंडरिंग, माध्यम घोटालों में फंसे हैं तो छटपटाए हुए हैं। हनी ट्रैप में भाजपा के भी कुछ लोग हैं, इसलिए जितना चाहें पैसा खर्च करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ये सरकार पूरे 5 साल चलेगी, हमने सबके काम किए हैं, बिजली कृषि क्षेत्र में काम किया है, कौन कहता है कमलनाथ ने काम नहीं किया। राज्यसभा जाने को लेकर कहा मुझे जो करना होगा, आपको बता कर नहीं करूंगा।

जिन लोगों के नाम मैंने ट्वीट किया है उन्होंने 15 सालों तक मलाई खिलाई है। संजय पाठक के सवाल पर दिग्विजय सिंह बोले कि संजय पाठक के पिता मेरे मित्र थे। संजय ने इतने पैसे कमा लिए है कि वह भटक गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बीएसपी विधायक राम बाई के बंधक वाले सवाल पर भड़क गए। सवाल पूछने पर उन्होंने माइक हटाया, लेकिन भाजपा के आरोपों पर जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मैं जो कहता हूं, प्रमाण के आधार पर कहता हूं। मैंने जो कहा है आपको दिखाना है, तो दिखाइए वरना मत दिखाइए।

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About the Author: Deepak Meena

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